Title: The conflict of memory, displacement and self-identity in contemporary Hindi poetry Download
Author’s : Monika parihar
Date of Publication (ONLINE) :-19-09-2025
DOI :-10.71037/gyanvividha.v2i3.51
Online Publication Certificate No. :– GV/2351
cite this article:
parihar Monika. ”The conflict of memory, displacement and self-identity in contemporary Hindi poetry”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-2 | Issue- 2, July-Sept, 2025, Page No. :-427-431. URL: https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/05/Monika-parihar-Gyanvividha-vol2-issue-3ISSN-3048-4537O-3049-2890O-july-Sept.-2025-pp-427-431.pdf
Abstract : यह शोध-पत्र समकालीन हिन्दी कविता में स्मृति, विस्थापन और आत्म‑पहचान के त्रिकोणीय संबंध की पड़ताल करता है। समकालीन कविता को केवल एक काल-सूचक संज्ञा मानना पर्याप्त नहीं; यह उत्तर-स्वाधीन भारत के सामाजिक मोहभंग, जनतांत्रिक बेचैनी, शहरीकरण, पलायन, हाशिये की अस्मिताओं और बदलते नैतिक परिदृश्य की गहन काव्यात्मक अभिव्यक्ति है। इस कविता की एक विशेषता उसका बहुवर्णी स्वरूप है; इसमें “एक केन्द्रीय विषय का न होना” उसकी सीमा नहीं, बल्कि उसके समय-सापेक्ष विस्तार का लक्षण है । इसी विस्तार के भीतर स्मृति केवल अतीत का भावुक स्मरण नहीं रह जाती, बल्कि वह मनुष्य और समुदाय के बचे हुए अर्थों की रक्षा करती है; विस्थापन केवल भौगोलिक उखड़न नहीं, बल्कि घर, देह, भाषा, श्रम और संबंधों से टूटते भरोसे का नाम बन जाता है; और आत्म‑पहचान किसी स्थिर ‘मैं’ की उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, स्मरण और प्रतिरोध से निर्मित होती है । केदारनाथ सिंह, मंगलेश डबराल, अनामिका और निर्मला पुतुल की कविताओं के समीप-पाठ से यह लेख सिद्ध करता है कि समकालीन हिन्दी कविता में स्मृति एक नैतिक अभिलेख, विस्थापन एक अस्तित्वगत संकट, और आत्म‑पहचान एक सृजनात्मक प्रतिरोध के रूप में उपस्थित है।
Keywords : समकालीन हिन्दी कविता, स्मृति, विस्थापन, आत्म‑पहचान, अस्मिता, स्त्री‑स्वर, आदिवासी काव्य‑चेतना, घर, शहर, स्थानीयता।
Publication Details:
Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)
ISSN : 3048-4537 (Online)
3049-2327 (Print)
Published In : Volume-2 | Issue-3, July-Sept., 2025
Page Number(s) : 427-431
Publisher Name :
Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327



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