Solar Energy Development and Regional Prospects in Rajasthan : A Geographical and Economic Analysis

Title: Solar Energy Development and Regional Prospects in Rajasthan : A Geographical and Economic Analysis Download

Author’s : Vishawdeep singh

Date of Publication (ONLINE) :-23-12-2025
DOI :-10.71037/gyanvividha.v2i4.64

Online Publication Certificate No. :– GV/604

cite this article:
singh VishawdeepSolar Energy Development and Regional Prospects in Rajasthan : A Geographical and Economic Analysis”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-2 | Issue- 4, Oct.-Dec., 2025, Page No. :-463-469. URL: https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/08/Vishawdeep-singh-Gyanvividha-vol-2-Issue-4-Oct-Dec.2025-pp-463-469.pdf

Abstract :  प्रस्तुत शोध पत्र में राजस्थान राज्य में सौर ऊर्जा के विकास प्रतिरूप, भौगोलिक निर्धारकों, क्षेत्रीय वितरण तथा भविष्योन्मुखी संभावनाओं का समग्र एवं समालोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। जलवायु परिवर्तन के संकट, पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों की सीमितता और वर्ष 2070 तक भारत के ‘शुद्ध शून्य’ उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के परिप्रेक्ष्य में सौर ऊर्जा का महत्व केंद्रीय हो चुका है। राजस्थान अपनी असाधारण भौगोलिक अवस्थिति, उच्च सौर विकिरण तीव्रता (5.5 से 6.0 kWh/m²/दिन), प्रतिवर्ष 325 से अधिक स्वच्छ धूप वाले दिवसों तथा पश्चिमी मरुस्थलीय अंचल में विशाल अनुपयोगी बंजर भूमि की उपलब्धता के कारण देश के शीर्ष सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। शोध में राज्य की सौर नीतियों, प्रमुख अल्ट्रा मेगा सौर पार्कों (यथा भड़ला, फतेहगढ़, नोख, पूगल), विकेंद्रीकृत कृषि सौर प्रणालियों (पीएम-कुसुम) तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इनके प्रभावों का गहन विश्लेषण किया गया है। इसके अतिरिक्त, शोध पत्र मरुस्थलीय पर्यावरण में सौर परियोजनाओं के समक्ष उत्पन्न तकनीकी व पारिस्थितिकीय चुनौतियों- यथा अंतर-राज्यीय ग्रिड एकीकरण, पारेषण हानियाँ, रेतीली आंधियों से जनित सोइलिंग प्रभाव, पैनल प्रक्षालन हेतु जल की भीषण कमी तथा राज्य पक्षी ‘गोडावण’ के आवास संरक्षण संकट-की विस्तृत पड़ताल करता है। अंत में, फ्लोटिंग सोलर, कैनाल-टॉप परियोजनाएँ, एग्री-वोल्टेइक्स, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली एवं स्थानीय विनिर्माण को समाहित करते हुए एक व्यावहारिक क्षेत्रीय रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।

Keywords : राजस्थान भूगोल, सौर ऊर्जा विकास, थार मरुस्थल, भड़ला सोलर पार्क, ट्रांसमिशन कॉरिडोर, एग्री-वोल्टेइक्स, गोडावण संरक्षण, क्षेत्रीय नियोजन।

Publication Details:

Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)

ISSN : 3048-4537 (Online)

3049-2327 (Print)

Published In : Volume-2 | Issue-4, Oct.-Dec., 2025

Page Number(s) : 463-469

Publisher Name :

 Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327

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