Vyakti-nirmāṇa evaṃ Saṅgaṭhana-nirmāṇa meṃ Bhāratīya Parivāra Praṇālī kī Bhūmikā

Title: Vyakti-nirmāṇa evaṃ Saṅgaṭhana-nirmāṇa meṃ Bhāratīya Parivāra Praṇālī kī Bhūmikā Download

Author’s : Dr. Devendra Singh Rajput

Date of Publication (ONLINE) :-25-07-2026
DOI :-10.71037/gyanvividha.v3i3.33
Online Publication Certificate No. :- GV/3333

cite this article:
Rajput Dr. Devendra Singh.Vyakti-nirmāṇa evaṃ Saṅgaṭhana-nirmāṇa meṃ Bhāratīya Parivāra Praṇālī kī Bhūmikā”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026, Page No. :-256-261. URL : https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/09/Dr.-Devendr-singh-rajput-Gyanvividha-Vol-3-Issue-3-July-Sept.-pp-256-261.pdf

Abstract : भारतीय चिंतन का मूल लक्ष्य सदैव सभी दुःखों एवं बन्धनों से छुटकारा पाते हुए मोक्ष-प्राप्ति रहा है। परम लक्ष्य की पूर्ति हेतु भारतीय ज्ञान-परंपरा में एक सुव्यवस्थित पारिवारिक व्यवस्था प्राप्त होती है, जिसका आधार सोलह संस्कार, पुरुषार्थ चतुष्ट्य तथा वर्णाश्रम व्यवस्था रहे हैं। भारतीय परिवार सदा से व्यक्ति के समाजीकरण, मूल्य-संस्थापन तथा नेतृत्व-निर्माण की प्रमुख संस्था रहा है। भारतीय परिवार व्यवस्था विशेष रूप से संयुक्त परिवार, संस्कार-आधारित जीवनशैली, कर्तव्य-केंद्रित संबंध-संरचना तथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी होने वाला ज्ञान-हस्तांतरण, व्यक्ति-निर्माण तथा संगठन-निर्माण की प्रक्रियाओं को किस प्रकार प्रभावित करती है। भारतीय परिवार व्यवस्था समाज-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और संगठनों में विश्वास, पारदर्शिता, सामूहिक उत्तरदायित्व तथा दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है। यद्यपि वैश्वीकरण, नगरीकरण तथा एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण परंपरागत संरचनाओं में परिवर्तन आया है, तथापि परिवार-आधारित मूल्य आज भी संगठनात्मक उत्कृष्टता तथा नैतिक नेतृत्व के आधार-स्तंभ बने हुए हैं। यह शोध पत्र भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ में संगठनात्मक व्यवहार के अध्ययन हेतु एक वैकल्पिक वैचारिक ढांचा प्रस्तुत करता है तथा नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों एवं प्रबंधन-विशेषज्ञों के लिए व्यावहारिक निष्कर्ष सुझाता है।

Keywords : भारतीय परिवार व्यवस्था, व्यक्ति-निर्माण, संगठन-निर्माण, नैतिक नेतृत्व, संगठनात्मक संस्कृति, संयुक्त परिवार, संस्कार व्यवस्था, कर्तव्यबोध, संस्थागत स्थिरता।

Publication Details:

Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)

ISSN : 3048-4537 (Online)

3049-2327 (Print)

Published In : Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026

Page Number(s) : 256-261

Publisher Name :

 Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327

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