Title: Swadeshi, Self-reliance, and the Local Economy : The Relevance of Deendayal Upadhyaya’s Economic Ideas in Contemporary India Download
Author’s : HANSA SHARMA
Date of Publication (ONLINE) :-18-06-2026
DOI :-10.71037/gyanvividha.v3i2.61
Online Publication Certificate No. :- GV/3261
cite this article:
SHARMA HANSA. ”Swadeshi, Self-reliance, and the Local Economy : The Relevance of Deendayal Upadhyaya’s Economic Ideas in Contemporary India”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-3 | Issue-2, April-June, 2026, Page No. :-406-413.
URL : https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/08/HANSA-SHARMA-Gyanvividha-Vol-3-issue-2-Apr.-June2026-pp-406-413.pdf
Abstract : : यह शोध-पत्र दीनदयाल उपाध्याय के आर्थिक चिंतन में निहित स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था की अवधारणाओं का समकालीन भारत के संदर्भ में आलोचनात्मक पुनर्पाठ करता है। अध्ययन का मूल प्रश्न यह है कि क्या उनका आर्थिक दृष्टिकोण केवल ऐतिहासिक-वैचारिक विरासत है, अथवा वह रोजगार, उत्पादन-विकेंद्रीकरण, बाजार-संकेंद्रण और पारिस्थितिक संकट से जूझते वर्तमान के लिए कोई उपयोगी मूल्यांकन-कसौटी भी देता है। गुणात्मक, व्याख्यात्मक और विषयवस्तु-विश्लेषणात्मक पद्धति से छह प्राथमिक कृतियों, चार व्याख्यात्मक ग्रंथों, छह हिन्दी शोध-पत्रों तथा दो शोध-प्रबंधों कुल अठारह स्रोतों का अध्ययन किया गया है। विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि उपाध्याय के लिए स्वदेशी बाहरी ज्ञान का निषेध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ‘स्व’ के अनुरूप उसका विवेकपूर्ण अनुकूलन है; आत्मनिर्भरता आत्मबंदी नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादन-क्षमता, श्रम की गरिमा और निर्णय-सामर्थ्य का विकास है; तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था केवल लघुता नहीं, आर्थिक लोकतंत्र की संस्थागत भूमि है। शोध यह भी रेखांकित करता है कि उनकी प्रासंगिकता नीतिगत नारों में नहीं, बल्कि चार कसौटियों प्रत्येक को सार्थक काम, उत्पादन का विकेंद्रीकरण, अंतिम व्यक्ति की गरिमा और प्रकृति-मर्यादा में निहित है। साथ ही, जाति, लैंगिकता, डिजिटल बाजार-शक्ति और वैश्विक मूल्य-शृंखलाओं के प्रश्नों पर उनके ढाँचे को आलोचनात्मक विस्तार देना आवश्यक है।
Keywords : स्वदेशी; आत्मनिर्भरता; स्थानीय अर्थव्यवस्था; एकात्म मानववाद; अंत्योदय; विकेंद्रीकरण; उपयुक्त प्रौद्योगिकी।
Publication Details:
Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)
ISSN : 3048-4537 (Online)
3049-2327 (Print)
Published In : Volume-3 | Issue-2, April-June, 2026
Page Number(s) : 406-413
Publisher Name :
Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327
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