Title: Vālmīki Rāmāyaṇa meṃ nihita sāmājika evaṃ sāṃskṛtika mūlyoṃ kā vivecana Download
Author’s : Sunita Palsaniya/Dr. Devendra Singh Rajput
Date of Publication (ONLINE) :-08-05-2026
Online Publication Certificate No. :- GV/3227
DOI :-10.71037/gyanvividha.v3i2.27
cite this article:
Palsaniya Sunita/Rajput Dr. Devendra Singh. ”Vālmīki Rāmāyaṇa meṃ nihita sāmājika evaṃ sāṃskṛtika mūlyoṃ kā vivecana”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-3 | Issue-2, April-June, 2026, Page No. :-169-175. URL : https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/05/Sunita-palsaniyan-Dr.-Devendra-singh-rajput-Gyanvividha-vol3-issue-2-Apr.-June-2026-pp-169-175.pdf
Abstract : रामायण महाकाव्य भारतीय संस्कृति के आधारस्तम्भों में से एक एवं काव्य परम्परा में आदिकाव्य के रूप में प्रतिष्ठित है। यह ग्रंथ भारत की राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना का निर्विकल्प आश्रय है, जिसके गहन अध्ययन से ईश्वर के प्रति श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का उदय होता है तथा अंतःकरण की शुद्धि होती है। वाल्मीकिकृत रामायण को समाज का पथ-प्रदर्शक, लोकजीवन का काव्य और एक समतामूलक समाज का आदर्शमय स्वरूप प्रस्तुत करने वाला ग्रन्थ बताया गया है। यह भारतीय समाज के आचार-विचार, सभ्यता, संस्कृति, धर्म-दर्शन, रीति-नीति एवं लोकजीवन का सर्वांगीण आदर्श प्रस्तुत करता है। रामायण का अध्ययन केवल प्राचीन भारतीय समाज में ही नहीं, अपितु स्थायी मानवीय मूल्यों और समकालीन जीवन में उनके अनुप्रयोग में भी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है, जिससे यह चरित्र विकास और सांस्कृतिक समझ के लिए एक मूल्यवान संसाधन बन जाता है। प्रस्तुत शोधपत्र का उद्देश्य रामायण में निहित सामाजिक संरचनाओं, मूल्यों, सांस्कृतिक प्रथाओं, जीवनदर्शन, सुशासन सम्बन्धी आचारमीमांसा का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन कर उसकी वर्तमान समय में उपादेयता प्रस्तुत करना है।
Keywords : रामायण, समाज, संस्कृति, वर्ण-व्यवस्था, शासन-प्रणाली।
Publication Details:
Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)
ISSN : 3048-4537 (Online)
3049-2327 (Print)
Published In : Volume-3 | Issue-2, April-June, 2026
Page Number(s) : 169-175
Publisher Name :
Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327





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