21vin Sadi mein Bharat ki ‘Rannitik Swayattata’ : Bahudhruviy Vishwa mein Ubharti Chunautiyan aur Avsar

Title: 21vin Sadi mein Bharat ki 'Rannitik Swayattata' : Bahudhruviy Vishwa mein Ubharti Chunautiyan aur Avsar Download

Author’s : Prof. Ashok Kumar Singh Chandel

Date of Publication (ONLINE) :-25-07-2026
DOI :-10.71037/gyanvividha.v3i3.28
Online Publication Certificate No. :- GV/3328

cite this article:
Chandel Prof. Ashok Kumar Singh.21vin Sadi mein Bharat ki ‘Rannitik Swayattata’ : Bahudhruviy Vishwa mein Ubharti Chunautiyan aur Avsar”, Published in GYANVIVIDHA, ISSN: 3048-4537(O) & 3049-2327 (P), Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026, Page No. :-210-215. URL : https://journal.gyanvividha.com/wp-content/uploads/2026/09/Prof.-ashok-kumar-singh-chandel-Gyanvividha-Vol-3-Issue-3-July-Sept.-pp-210-215.pdf

Abstract : 21वीं सदी में दुनिया के हालात एक ध्रुवीय प्रभुत्व से बदलकर एक जटिल बहु-ध्रुवीय व्यवस्था में बदल गए हैं। इस बदलाव के साथ ही, भारत को ऐसे माहौल में आगे बढ़ने और सफल होने के लिए एक गतिशील विदेश नीति के ढांचे की ज़रूरत है। यह शोध पत्र भारत की “रणनीतिक स्वायत्तता” की शुरुआत और विकास को गहराई से समझने का प्रयास करता है। यह अवधारणा शीत युद्ध के समय गुटनिरपेक्ष आंदोलन की विचारधारा से प्रेरित होकर “बहु-गठबंधन” या “मुद्दे-आधारित गठबंधन” के सिद्धांत तक पहुंची है। भारत पारंपरिक गठबंधन बनाने में शामिल हुए बिना सभी संभावित फायदों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। ऐसा अमेरिका, रूस और चीन जैसी प्रतिद्वंद्वी वैश्विक ताकतों के साथ-साथ क्वाड, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन  जैसे समूहों के संबंध में मज़बूत रुख अपनाकर किया जा रहा है। इस शोध पत्र में ‘रणनीतिक स्वायत्तता’, बहु-ध्रुवीय दुनिया में भारत की स्थिति और 21वीं सदी में इसकी रणनीतिक प्रकृति का व्यापक अध्ययन किया गया है। इसमें भारत के ‘ग्लोबल साउथ’ का नेतृत्व करने और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु बनने की अपार संभावनाओं का गहनता से अध्ययन किया गया है। साथ ही, वर्तमान चुनौतियों – खासकर चीन की सीमा पर आक्रामकता और पश्चिमी साझेदारियों व रूस के साथ पुराने संबंधों के बीच भारत द्वारा किए जा रहे संतुलन – का भी गहन विश्लेषण किया गया है।

Keywords : रणनीतिक स्वायत्तता, बहुध्रुवीय विश्व, भारतीय विदेश नीति, बहु-गठबंधन, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, ग्लोबल साउथ, भू-राजनीति, रक्षा आत्मनिर्भरता, क्वाड, राष्ट्रीय हित।

Publication Details:

Journal : GYANVIVIDHA (ज्ञानविविधा)

ISSN : 3048-4537 (Online)

3049-2327 (Print)

Published In : Volume-3 | Issue-3, July-Sept., 2026

Page Number(s) : 210-215

Publisher Name :

 Mrs Anubha Chaudhary | https://journal.gyanvividha.com | E-ISSN 3048-4537 | P-ISSN 3049-2327

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